May Day 2015: Statements

May 2, 2015

Statement from IFTU

IFTU May Day March in Delhi Opposes changes in Labour Laws, Demands their Implementation.
Today, May Day, the Delhi Committee of the Indian Federation of Trade Unions(IFTU) held a march from Ramlila Maidan at 11a.m.demanding implementation of labour laws, opposing the anti-worker changes in them being effected by the Modi Govt., and demanding regularization of all contract workers and no to contractual employment. Workers from private industrial sectors of Mayapuri, Anand Parbat, Okhla, construction workers, contract hospital employees from several Govt. hospitals including Safdurjung and AIIMS, regular hospital workers, service sector workers along with students, intellectuals and women activists marched to Jantar Mantar raising slogans of working class struggles and martyrdoms and the international unity of workers. The lead banner displayed the call to oppose changes in Labour laws and to fight for their implementation.

The march reached Jantar Mantar at 12.30 pm where a mass meeting was held. It was addressed by IFTU leaders including Animesh Das (President of Delhi IFTU Committee and National Committee Member), Com. Mrigank (Sr. Vice President of IFTU Delhi) Com. Rajesh (Secretary, Delhi IFTU), Com. Jai Prakash(Gen Sec of Delhi State Nirman & Building Kamgar Union) and

Speakers condemned the Modi Govt. for its anti-worker policies. They said the slogan of ‘make in India’ was an open invitation to multinational corporate to loot the cheap labour power of India and Modi Govt. was going All out to facilitate that loot. They called on the working class to launch struggles and demand implementation of labour laws .Speakers specifically mentioned the massive earthquake in Nepal, expressed solidarity with the people of Nepal.

Dr. Animesh Das
President

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मई दिवस के उपलक्ष्य में वज़़ीरपुर में मज़़दूर सभा ।

मई दिवस के उपलक्ष्य में आज वज़़ीरपुर औद्योगिक क्षेत्र में मज़़दूर सभा का आयोजन संपन्न हुआ। इस मज़़दूर सभा का आयोजन दिल्ली इस्पात उद्योग मज़़दूर यूनियन द्वारा किया गया था जो की वज़़ीरपुर के स्टील उद्योग में काम कर रहे मज़़दूरों की यूनियन हैं। मज़़दूर सभा में मई दिवस के गौरवशाली इतिहास के बारे में बताते हुए मज़़दूर बिगुल अखबार के संपादक अभिनव ने कहा की मज़़दूरों ने संघर्ष का जो शंखनाद 1 मई 1886 को शिकागो में फूंका था उसकी गर्जना से दुनियाभर के मज़़दूरों ने 8 घंटे के काम की मांग के लिए एकजुट होकर संघर्ष किया और अपने लोहे की मुट्ठी से मज़़दूरा ने मालिकों को अपने सामने झुकने पर मजबूर किया। दुनियाभर के मालिकों को मज़़दूरों की 8 घंटे काम की मांग को स्वीकारना पड़ा। मगर आज उस संघर्ष के 129 साल बीत ज़ने के बाद इतने संघर्ष और अपने साथियों के कड़े बलिदान के बाद भी मज़़दूर उस अधिकार से वंचित है और इसिलए आज मज़़दूरों को एक बार फ्रिफर मई दिवस को याद करते हुए मई दिवस के ‘8 घण्टे काम, 8 घंटे आराम और 8 घंटे मनोरंजन’ नारे को बुलंद करना होगा और अपने हक़ की लड़ाई के लिए व्यापक एकजुटता कायम करनी होगी। दिल्ली इस्पात उद्योग मज़़दूर यूनियन की शिवानी ने कहा की मई दिवस को मनाने का मतलब उस संघर्ष के नए संस्करण रचने से है जो मज़़दूरों की इंसानों की तरह जीने के हक़ की बात करता है। साथ ही शिवानी ने मंच से घोषणा कि की वज़़ीरपुर में दिल्ली इस्पात उद्योग मज़़दूर यूनियन की तरफ से साप्ताहिक मेडिकल क्लिनिक की सुविध मुहैया करवाई ज़येगी। मज़़दूर सभा में यूनियन द्वारा पहचान पत्र, आधर कार्ड बनवाने के लिए सूची भी तैयार की गयी जिसे सरकारी विभाग को सौपा ज़एगा जिससे की मज़़दूरों के आधार कार्ड व पहचान पत्र बनने में मदद हो सके। मज़़दूर सभा में विहान सांस्कृतिक टोली द्वारा क्रांतिकारी गीतों की प्रस्तुति की गयी। मज़़दूर सभा में दिल्ली के विभिन्न मज़़दूर इलाकों जैसे खजूरी, करावल नगर. पीरागढ़ी, झिलमिल, ओखला आदि से मज़़दूरों ने शिरकत की। इसके इलावा मेट्रो में काम करने वाले ठेका कर्मचारियों जैसे टाॅम ओपरेटर, सिक्योरिटी गार्ड्स की यूनियन दिल्ली मेट्रो रेल काॅन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन, दिल्ली के सरकारी हस्पतालों में काम करने वाले ठेका कर्मचारियों की यूनियन दिल्ली स्टेट गवर्मेंट हाॅस्पिटल काॅन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन, करावल नगर मज़़दूर यूनियन, बिगुल मज़़दूर दस्ता, नौजवान भारत सभा, दिशा छात्रा संगठन ने मज़़दूर सभा में शिरकत की। सभा के बाद वज़़ीरपुर के मज़दूरों की ज़िन्दगी के हालात बयां करती एक फिल्म दिखाई गयी साथ ही मई दिवस के इतिहास पर बनी एक फिल्म भी दिखाई गयी।