नियुक्ति पत्र के साथ त्यागपत्र भरवाने पर रोक लगाओ!

October 18, 2015

रुद्रपुर, 15 अक्टूबर। औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल में ठेकेदारों द्वारा श्रमिकों से नियुक्ति पत्र के साथ त्यागपत्र पर भी हस्ताक्षर कराने पर स्थानीय कई मज़दूर यूनियनों व संगठनों ने रोष प्रकट किया और उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर इस गैर कानूनी प्रथा को तत्काल रोकने और दोषी ठेकेदारों का ठेका रद्द करने व उन्हें दण्डित करने की माँग की। इस पर उपजिलाधिकारी ने फोन पर सहायक श्रमायुक्त से सभी ठेकेदारों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिये।

ज्ञापन में खेद प्रगट करते हुए लिखा है कि सिडकुल क्षेत्र की कम्पनियों में यूँ तो ठेकेदारी के लिए प्रतिबन्धित काम भी खुलेआम ठेके में कराया जा रहा है। ऊपर से ठेकेदार मज़दूरों से एक ऐसी पुस्तिका के विभिन्न पन्नों पर हस्ताक्षर करा रहे हैं, जिसमें अस्थाई नियुक्ति आवेदन के साथ त्यागपत्र भी शामिल है। इस पुस्तिका में क्या लिखा है, सम्बन्धित श्रमिक को पढ़ने भी नहीं दिया जाता, महज हस्ताक्षर लिये जाते हैं।

इस कई पन्नों की पुस्तिका में ठेकेदार फर्म का नाम व पता भी छपा होता है। जिसका प्रथम पृष्ठ ठेकेदार द्वारा सम्बन्धित कम्पनी के एचआर प्रबन्धन को ठेकारोल पर उक्त मज़दूर की भर्ती के लिये सम्बोधित होता है। इसके बाद के पृष्ठ पुलिस सत्यापन का प्रपत्र, ईएसआई और ईपीएफ, अस्थाई नियुक्ति व पीएफ आदि के भुगतान के फाॅर्म हैं।

श्रमिक नेताओं ने बताया कि अस्थाई नियुक्ति प्रपत्र के तत्काल बाद त्याग पत्र आवेदन फाॅर्म है, जिसमें स्वेच्छा से पद त्याग की अग्रिम अपील करवाई गई है। सबसे भयानक हिस्सा यही है, जिसमें नियुक्ति से पहले ही इस्तीफा ले लिया जाता है। अगला पन्ना वचन पत्र है, जिसमें किसी यूनियन के साथ कोई सम्बन्ध न रखने, वेतन व सुविधाओं से कोई शिकायत या विवाद न होने, ठेकेदार द्वारा मनमाने घण्टे काम कराने की छूट, उल्लंघन पर उक्त काम पर किसी और को रखने का हक देने आदि का वचन लिया जाता है।

सिडकुल ठेकेदारों द्वारा किये जा रहे इस गैर कानूनी कृत्य के खिलाफ आवाज बुलन्द करते हुए इलाके की विभिन्न यूनियनों-संगठनों की ओर से माँग उठाया गया कि ठेकेदारों द्वारा नियुक्ति सम्बन्धी पुस्तिका में अग्रिम त्यागपत्र व वचनपत्र भरवाने पर तत्काल रोक लगे, पूरे प्रकरण की जाँच हो और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई सहित ठेका प्रतिबन्धित हो तथा मिलीभगत पर सम्बन्धित कम्पनी प्रबन्धन पर भी कानूनी कार्रवाई की जाये।

प्रदर्शन व ज्ञापन देने वालो में वोल्टास इम्पलाइज यूनियन के नन्द लाल, ऐरा श्रमिक संगठन के हीरा लाल, पारले मजदूर संघ के प्रमोद तिवारी, राने मद्रास के दिनेश तिवारी, रिद्धी सिद्धी कर्मचारी संघ के पूरन सिंह सिजवाली, मजदूर सहयोग केन्द्र के मुकुल, नैस्ले कर्मचारी संगठन के ऋषिपाल सिंह, नैस्ले मजदूर संघ के हरीश त्रिपाठी, इंकलाबी मजदूर केन्द्र के दिनेश, एक्टू के महेश तिवारी, बीएमएस के दीपक सिंह अलमिया, सीपीआई के राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, महिन्द्रा सीआईई के त्रिलोचन पाठक, टाटा आॅटोकाॅम के राम सिंह कुँवर, ब्रिटानिया श्रमिक संगठन के प्रदीप शाह, सोहन लाल सेमवाल, दीपेन्द्र भट्ट, सुधीर रतूड़ी, वीर पाल, हेमचंद आदि शामिल थे।

-अयोध्या प्रसाद भारती