Delhi: KYSS Statement on harassment and detention of activist

January 25, 2016

KRANTIKARI YUVA SANGATHAN (KYS) PRESS RELEASE

22.01.2016

PATEL NAGAR POLICE DETAIN AND HARASS KYS ACTIVIST SHAHNAWAZ!
POLICE VERBALLY ABUSE AND MAKE REPEATED REFERENCES OF ‘PAKISTAN’ OWING TO HIS MINORITY STATUS!

Today, Krantikari Yuva Sangathan activist and budding documentary film-maker Shahnawaz Jaman was detained by Delhi Police at Patel Nagar Police Station. Shahnawaz, who is working on a documentary on the issue of inequality that prevails between the Private schools and Government schools was detained for making documentary at Government Boys Senior Secondary School, West Patel Nagar. Despite showing his identity Card and producing ample reasons he was abused by the police and repeatedly derogatory comments were made on his minority status. Numerous offensive references were made of “Pakistan” alluding to the criminal offence that one commits if he is a Muslim.

Inside the Police Station, the democratic rights of a detainee were not allowed to Shahnawaz. His cell phone was snatched away and he was not allowed to inform anyone of his whereabouts, during which he was repeatedly harassed by the police which continued to abuse him by telling “We know what is happening in Peshawar!”, “Haramzaade”. Later, the Police called his Father and ordered him to come to the Police Station to verify his identity, despite being told of his inability to come since he was out of Delhi. Shahnawaz was also asked to show his home show that ‘verification’ can be done from the landlord. This all happened inspite of the fact that teachers in the school vouched that he was an alumni of the same school. Inside the Police station the Police made a joke out of the name of Shanawaz’s Father, saying that how can one distinguish between a ‘Nazim’ and a ‘Nizamuddin’!
It should be known that Shahnawaz’s grandfather was a Freedom Fighter.It is ironic that Patel Nagar Police detained an activist who is actively involved in the movement against inequality within the education system (be it the inequality between government school and private school or the discrimination faced by correspondence students of School of Open Learning) on a flimsy pretext. It is to be noted that this same Police Station not only delayed to file an FIR, but humiliated the parents and 4-year old rape victim last year.
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Subhash,
Member,
Delhi State Committee,
KrantikariYuvaSangathan (KYS).

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दिनांक: 22.01.2016
प्रेस विज्ञप्ति

केवाईएस कार्यकर्ता और उभरते हुए डाक्यूमेंट्री फिल्मकार शाहनवाज़ जमन को पटेल नगर थाने में किया गया डीटेन!
अल्पसंख्यक समुदाय से होने के कारण किया गया गाली-गलौज और बार-बार ‘पाकिस्तान’ का जिक्र!
आज क्रांतिकारी युवा संगठन(केवाईएस) के कार्यकर्ता और उभरते हुए डाक्यूमेंट्री फिल्ममेकर शाहनवाज़ जमन को तब पटेल नगर पुलिस थाने में डीटेन कर लिया गया जब वह पटेल नगर स्थित गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेकंड्री स्कूल, वेस्ट पटेल नगर में सरकारी स्कूलों की घटिया स्थिति पर डाक्यूमेंट्री बना रहे थे| शाहनवाज़ जमन सरकारी और प्राइवेट स्कूल के बीच की गैरबराबरी पर एक डाक्यूमेंट्री पर एक काम कर रहे हैं| ज्ञात हो कि शहनवाज़ ने पुलिस को अपना पहचान पत्र दिखाया था परन्तु इसके बावजूद उसे गालियाँ दी गयी और बार-बार ये कहा गया कि “हम जानते हैं कि पाकिस्तान में क्या हो रहा है|
पुलिस थाने के अन्दर शाहनवाज़ के जनतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया| उन्हें अपने फ़ोन का उपयोग नहीं करने दिया गया| फिर उनके पिता को फ़ोन किया गया और जब उनके पिता ने कहा कि वो अभी नहीं आ सकते क्योंकि वो अभी दिल्ली से बाहर हैं और अभी आने में असमर्थ हैं पर फिर भी उन्हें जबरदस्ती आने को कहा गया ताकि उनका ‘वेरिफिकेशन’ किया जा सके| शाहनवाज़ को अपना घर दिखाने को कहा गया ताकि मकानमालिक से ‘वेरिफिकेशन’ किया जा सके| ये सब इसके बावजूद हुआ कि स्कूल में शिक्षकों ने पुलिस को इस बात से अवगत कराया था कि शाहनवाज़ इसी स्कूल का एक मेधावी छात्र था| थाने में शाहनवाज़ के साथ पुलिस ने एक घटिया मजाक किया कि “हमें कैसे पता चलेगा कि तुम्हारे पिता का नाम नाजिम है? उनका नाम निजामुद्दीन भी तो हो सकता है!”
ध्यान देने योग्य बात है कि शाहनवाज़ के नाना एक स्वतंत्र सेनानी थे| और स्वयं शाहनवाज़ शिक्षा के गैरबराबरी के खिलाफ लगातार लड़ते रहे हैं(चाहे वो सरकारी और प्राइवेट स्कूल के बीच की गैरबराबरी हो या स्कूल ऑफ़ ओपन लर्निंग के कॉरेस्पोंडेंस छात्र के साथ होने वाली भेदभाव हो)| ज्ञात हो कि पटेल नगर थाना पहले भी गलत कारणों से सुर्ख़ियों में रहा है| ये वही थाना है जहाँ चार साली की बच्ची के बलात्कार वाले मामले में ऍफ़आइआर लिखने में काफी देरी की थी और पीडिता के माता-पिता के साथ बदसुलूकी भी की थी|
सुभाष,
सदस्य,
दिल्ली राज्य समिति,
क्रांतिकारी युवा संगठन (KYS).