1 जुलाई शहीद दिवस शपथ दिवस, भिलाई चलो – Invitation for 1st July 2016 from CMM (Mazdoor Karyakarta Committee)

June 17, 2016

1 जुलाई शहीद दिवस शपथ दिवस, भिलाई चलो

प्रिय साथियों,
इस वर्ष हम फिर शपथ लेने एकजुट होंगे.
शहीद साथियों के सपनों को फिर से ताज़ा करने;
कठिन चुनौतियों के लिए हिम्मत जुटाने;
अपनी छोटी छोटी जीत से ताकत लेने;
छत्तीसगढ़ में, देश में, दुनिया में
मेहनतकशों की परिस्थितियों पर विचार करने;

सीमेंट क्षेत्र के मजदूरों को एकजुट करना है,
स्टील प्लांट के ठेका मजदूरों में पहल लेना है,
स्मार्ट सिटी की विनाशकारी योजना से निपटना है,
मजदूर वर्ग के अन्दर पितृसत्ता
और मनुवाद से लड़ना है,
मजदूर वर्ग के बच्चों के लिए एक नयी शिक्षा विकसित करना है,
छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ भाईचारा निभाना है,
विस्थापन की विकराल समस्या से लड़ना है,
आदिवासी बहन सोनी सोढ़ी की लड़ाई में जुड़ना है,
धार्मिक कट्टरपंथ के जहर को मिटाना है,
एक नया छत्तीसगढ़ बनाना है.

इस वर्ष की हमारी लडाइयों में
आप में से बहुत साथियों से हमें बहुत मदद मिली –
वैचारिक, राजनैतिक, आर्थिक.
ACC की लड़ाई में NTUI के आशिम रॉय,
IndustriALL के मथैस, सोलिफोंड्स की इवोन से,
शहीद स्कूल के निर्माण में देश भर से साथियों से,
सांस्कृतिक कर्म में भोपाल से लेकर ओडिशा के साथियों से; दिल्ली, मुंबई के हमारे छात्र, मजदूर और बुद्धिजीवी साथियो ने.
आप सब से आग्रह है कि आये
आपका भाईचारा हमारे लिए सबसे मूल्यवान है.

बंसी, लखन, कलादास, रमाकांत, सरस्वती, राजकुमार, नीरा, रिनचिन, कौशल, महेश, कल्याण पटेल, श्रेया, सुधा

छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (मजदूर कार्यकर्ता समिति)
Dear Comrades,

This year again we shall gather again,
To recall the dreams of the worker martyrs of 1st July.
To gather courage for the tough challenges ahead,
To gain strength from our small victories,
To reflect on the situation of the working class
In Chhattisgarh, in our country and
All over the world.

The task of uniting workers in the cement sector is before us,
Of organizing the contract workers in the steel plant,
Of dealing with the destructive “smart city” projects,
Of fighting patriarchy
And Manuvaad (Casteism) among the working class,
Of evolving a new “education” for the children of the working class,
Of showing solidarity with the peasants,
Of fighting the burning problem of displacement,
Of supporting adivasi sister Soni Sori in her struggles,
Of washing out the poison of religious bigotry,
Of building a new Chhattisgarh.

This year, many of you
Helped us a lot in our struggles –
Ideologically, politically, materially.
We got so much help in the ACC struggle from Com Ashim Roy of the NTUI, from Mathias of IndustriALL and Yvonne of Solifonds;
People from all over the country helped contribute to the rebuilding of Shaheed School;
Friends from Bhopal to Odisha supported our cultural endeavours;
Students, workers and intellectuals from Delhi and Mumbai helped us in countless ways.
We urge all of you to join us.
Your solidarity
Is our most precious asset.

Bansi, Lakhan, Kaladas, Ramakant, Saraswati, Rajkumar, Neera, Rinchin, Kaushal, Mahesh, Kalyan Patel, Shreya, Sudha.

Chhattisgarh Mukti Morcha (Mazdoor Karyakarta Committee)