Press Release demanding a CBI probe into the Faizabad riots

January 9, 2013

Demand for a CBI probe into the Faizabad Riots
Demand for CBI probe into the theft of idols from Devkali Temple and arson during Durga Puja visarjan
- Janmanch Awami Council

फैजाबाद दंगे की हो सीबीआई जांच- जनमंच-आवामी काउंसिल
देवकाली मन्दिर की मूर्ति चोरी एवं दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान की गयी आगजनी की सी0बी0आई0 जाँच की मांग

फैजाबाद 8 जनवरी 2013/ विगत 24 अक्टूबर को फैजाबाद नगर तथा ग्रामीण क्षेत्रों, भदरसा, शाहगंज, रूदौली, कस्बों में हुई साम्प्रदायिक हिंसा के सन्दर्भ में जन मंच फैजाबाद ने एक प्रेसवार्ता फैजाबाद गेस्ट हाउस में आयोजित किया।

प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए आवामी काउसिंल फार डेमोक्रेसी एण्ड पीस के जनरल सिक्रेट्री मोहम्मद असद हयात ने कहा की 24 एवं 26 अक्टूबर को पूरे फैजाबाद जिले में एक साथ भड़की साम्प्रदायिक हिंसा तथा आगजनी एक सुनियोजित साजिश का परिणाम थी और लड़की के साथ छेडखानी की घटना पुलिस प्रशासन की गढ़ी हुई झूठी कहानी है। उन्होने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन अपनी नाकामी को छुपाने के लिए तथा साम्प्रदायिक हिंसा एवं अल्पसंख्यक समुदाय पर हुए हमले की सुनियोजित साजिश पर पर्दा डालने के लिए लड़की के साथ छेड़खानी की झूठी कहानी गढ़ रहा है। इस फर्जी कहानी के पीछे अल्पसंख्यक समुदाय को लांछित करने की दुर्भावना छिपी हुई है। प्रेस काउसिंल आॅफ इण्डिया द्वारा गठित शीतला सिंह कमीशन के सामने तत्कालीन एस0पी0सिटी रामजीत यादव का बयान कि रायल प्लाजा के सामने दुर्गा पूजा जुलूस को रोकर किया गया दंगा लड़की के साथ छेड़खानी की वजह से हुआ था, इसी मानसिकता का प्रतिफल है। उनसे यह पूछा जाना चाहिए कि फिर उन्होने उस शोहदे को गिरफ्तार क्यों नहीं किया। जबकि वह घटना स्थल पर मौजूद थे और अपने दरोगा अखिलेश पाण्डेय का सिर फूटते देखकर वहां से भाग लिए थे। उनका यह कहना कि उन्होने भीड़ से छेड़खानी करने वाले लड़के के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने के लिए कहा था न केवल हास्यासपद है बल्कि उनकी अक्षमता प्रमाणित करता है। आज तक किसी ने छेड़खानी की रिपोर्ट नहीं दर्ज करायी है और न ही पूर्व एस0पी0सिटी साहब ने बताया है कि उन्हें छेड़खानी का इलहाम किन लोगों ने कराया था इससे साबित होता है कि 24 अक्टूबर को जबरन दुर्गा पूजा जुलूस को रोकर अल्पसंख्यक समुदायक के प्रतिष्ठानों पर हमला तथा आगजनी एक सुनयोजित साजिश का परिणाम थी। तत्कालीन नगर कोतवाल भुल्लन यादव का लिखित बयान कि उस दिन की समस्त घटनाओं के लिए केन्द्रीय दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारी व कार्यकर्ता जिम्मेदार हंै, जिन्होने शराब पी कर उपद्रव किया इस बात कि पुष्टि करता है कि विगत 24 अक्टूबर की साम्प्रदायिक हिंसा भीड़ तंत्र का कारनामा नहीं था बल्कि दुर्गा पूजा समिति के नेतृत्व में एक संगठित समूह इन घटनाओं को अंजाम दे रहा था और असल षडयंत्रकारी उसका संचालन कर रहे थे। देवकाली मूर्ति चोरी प्रकरण से ही यह तत्व दंगों की पृष्ठ भूमि बनाने के लिए उŸोजक बयान बाजी और धरना प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस प्रशासन ने दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ अभी तक कोई एफ0आई0आर0 नहीं लिखी है। जबकि 24 अक्टूबर की घटना में सीधे तौर पर उनकी संलिप्तता के प्रमाण हैं। घटना के प्रति पुलिस का यह रवैया अल्पसंख्यक के समुदाय के प्रति उसके पूर्वाग्रह पूर्ण व्यवहार का प्रतीक है। असद हयात ने सम्पूर्ण घटना की सी0बी0आई0 जाँच की मांग की जिससे देश की तथा फैजाबाद और अयोध्या की शान्ति प्रिय आवाम को सच का पता चल सके।

सामाजिक कार्यकर्ता एवं लेखक डाॅ0 अनिल कुमार सिंह ने देवकाली मूर्ति चोरी प्रकरण में विजय नारायण पाण्डेय की मुठभेड़ में मूर्तियों के साथ गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहां मुठभेड़ की पुलिसिया कहानी फर्जी है। विजय नारायण पाण्डेय को आजमगढ़ से उसके गांव से पुलिस ने 10 अक्टूबर को ही उठा लिया था। 13 अक्टूबर को उसके पिता ने तत्कालीन एस0एस0पी0 रमित शर्मा को भेजे प्रार्थना पत्र में उसके हिस्ट्रीशीटर न होने तथा निर्दोेंष होने के बात कही थी फिर भी पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा तो विजय पाण्डेय के पिता ने हाई कोर्ट लखनऊ बेंच में 18 अक्टूबर को ही बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल कर दिया था। उसी विजय पाण्डेय को पुलिस ने 22 अक्टूबर को मूर्ति के साथ मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की कार्यप्रणाली पर इससे बड़ा सवाल और क्या हो सकता है। अनिल कुमार सिंह ने मूर्ति बरामदगी की पूरी घटना को फर्जी बताते हुए मूर्ति चोरी प्रकरण और 24 अक्टूबर को हुई सामप्रदायिक हिंसा को सुनियोजित साजिश बताते हुए सम्पूर्ण घटना की जाँच सी0बी0आई0 से कराने की मांग की तथा फैजाबाद नगर तथा भदरसा एवं शाहगंज कस्बे के दंगा पीडि़तो को समुचित मुआवजा देने की मांग सरकार से की। अंत में जनमंच के संयोजक दिनेश सिंह ने प्रेसवर्ता में आए पत्रकारों को धन्यवाद ज्ञापित किया। पत्रकारवार्ता में शाह आलम, मोहम्मद अकील, गुफरान, मो0 अतहर शम्सी, दानिष अहमद आदि मौजूद रहें।

द्वारा जारी-
अनिल सिंह, दिनेश सिंह