जाट महापंचायत के वीडियो में दिखेगी भगवाधारी नेताओं की हकीकत- रिहाई मंच

November 7, 2013

RIHAI MANCH
(Forum for the Release of Innocent Muslims imprisoned in the name of Terrorism)
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जाट महापंचायत के वीडियो में दिखेगी भगवाधारी नेताओं की हकीकत- रिहाई मंच
9 नवंबर को रिहाई मंच द्वारा आयोजित जनसुनवाई में पहुंचेगे सैकड़ों दंगा पीडि़त

लखनऊ 7 नवंबर 2013। रिहाई मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शुऐब ने कहा कि लखनऊ के कैसर बाग स्थित जयशंकर प्रसाद हाल में 9 नवंबर शनिवार को मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत व आस-पास के जिलों में हुई सांप्रदायिक हिंसा के पीडि़तों की जनसुनवाई का आयोजन रिहाई मंच द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से दो महीने से ज्यादा समय से यूपी के मुजफ्फरनगर व आस-पास के क्षेत्रों में छिटपुट सांप्रदायिक हिंसा व पिछले दिनों पीडि़त कैंप में रह रही लड़की से बलात्कार का मामला सामने आया है ऐसे में इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि सरकार सांप्रदायिक हिंसा रोकने में पूरी तरह विफल ही नहीं बल्कि उसके प्रशानिक तंत्र का सहयोग सांप्रदायिक तत्वों को है। मंच के अध्यक्ष ने बताया कि मुजफ्फरनगर व आस-पास के क्षेत्रों में सांप्रदायिक हिंसा के बाद पिडि़तों को इंसाफ दिलाने के लिए कैंप किए सामाजिक संगठन अवामी काउंसिल के महासचिव मोहम्मद असद हयात समेत सांप्रदायिक हिंसा प्रभावित क्षेत्र के वरिष्ठ लोग इस जनसुनवाई में शिरकत करेंगे।

रिहाई मंच के प्रवक्ताओं शाहनवाज आलम और राजीव यादव ने बताया की जनसुनवाई में जाट महापंचायत जिसके बाद मुजफ्फरनगर व आस पास के क्षेत्रों में सांप्रदायिक हिंसा भड़की उसके व दंगाईयों के वीडियो फुटेज को भी प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें साफ दिख रहा है कि चाहे वो भाजपा नेता हुकुम सिंह, संगीत सिंह सोम, सुरेश राणा, बाबा हरिकिशन, राकेश टिकैत, नरेश टिकैत हो या फिर अन्य किस तरह महापंचायत कर पूरे क्षेत्र में सांप्रदायिक ंिहंसा भड़काई। उन्होंने बताया कि जिस तरह भाजपा व अन्य भगवा संगठनों के द्वारा यह अफवाह फैलाई गई की महापंचायत से लौटते हुए जाटों पर मुसलमानों द्वारा हमला होने के बाद सांप्रदायिक हिंसा भड़की जैसे बेबुनियाद तथ्यों को रिहाई मंच द्वारा आयोजित जनसुनवाई में वीडियो क्लिप्स द्वारा हम जनता के बीच लाएंगे कि किस तरह भाला, पलकटी, गड़ासा, रिवाल्वर, देशी तमंचों आदि से लैस होकर लोग ट्रालियों से पूरे रास्ते भर सांप्रदायिक गालियां देते हुए निकल रहे हैं। प्रवक्ताओं ने बताया कि 7 सितंबर की सुबह शिकारपुर, बसीकलां, शाहपुरा के जिन इलाकों से इस पूरी संगठित हिंसा की शुरुआत हुई और उसके बाद जिस तरीके से लिसाढ़, लाक, बहावड़ी, कुटबा, कुटबी, फुगाना समेत सैकड़ों गावों के जाट सांप्रदायिक तत्वों ने हमला किया इन सभी गावों के पीडि़त जनसुनवाई में शामिल हो रहे हैं। जो कांधला, कैराना, मलकपुर, बसी कलां, जोगिया खेड़ा आदि राहत शिविरों में रह रहे हैं।

रिहाई मंच के प्रवक्तओं ने बताया कि जिस तरीके से पिछले दिनों मत्री स्तरीय सद्भावना कमेटी की रिपोर्ट में पीडि़तों के कैंपों पर मदरसों का कब्जा कहकर मदरसों को बदनाम करने की कोशिश की गई है उस पर इन कैंपों के पीडि़तों द्वारा सच्चाई को सामने लाया जाएगा। जनसुनवाई में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान दंगाईयों के बात-चीत के रिकोर्ड समेत अनकों तथ्यों को सामने लाया जाएगा जिसे सरकार अनदेखा कर रही है। 9 नवंबर के इस आयोजन के दूसरे सत्र में सपा राज में सांप्रदायिक दंगे- गुनहगार कौन विषय पर सम्मेलन होगा।

द्वारा जारी-
शाहनवाज आलम, राजीव यादव
प्रवक्ता रिहाई मंच
09415254919, 09452800752
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Office – 110/46, Harinath Banerjee Street, Naya Gaaon Poorv, Laatoosh
Road, Lucknow
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