प्रधानमंत्री किसका?

February 2, 2015

सुनील कुमार

दिल्ली के रामलीला मैदान में 10 जनवरी को भाजपा ने ‘अभिनन्दन रैली’ का आयोजन किया था। इस रैली के बाद ही दिल्ली चुनाव की घोषणा 12 जनवरी को हुई। चुनाव आयोग को स्वायत्त माना जाता है लेकिन चुनाव आयोग ने 9 जनवरी की बैठक में बीजेपी रैली के कारण चुनाव की घोषणा नहीं कर पायी। रामलीला मैदान की रैली में भाजपा के नव निर्वाचित तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया था। ‘अभिनन्दन रैली’ का आयोजन दिल्ली चुनाव में बीजेपी के दमखम दिखाने और वोट बटोरने के लिए किया गया था। रैली में हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में हरियाणा के 30 प्रतिशत लोग रहते हैं जो बीजेपी को वोट देंगे। ‘अभिनन्दन  रैली’ में बीजेपी वह भीड़ नहीं जुटा पाई जो उसको उम्मीद थी। यही कारण है कि किरन बेदी की शर्तों को स्वीकार करते हुए बीजेपी में शामिल करना पड़ा।

रामलीला मैदान की रैली में भाजपा के कई केन्द्रीय मंत्री, पदाधिकारी शामिल थे। इस रैली में भाजपा के दूसरे नम्बर के मंत्री राजनाथ सिंह नहीं थे। मंच से राजनाथ के कामों को भी अमित शाह के खाते में डाला दिया गया।मोदी ने अमित शाह को सर्वाधिक सफल राष्ट्रीय अध्यक्ष बताया। मंच के संचलाक के बोलने से तो ऐसा लगा कि अमित शाह ने ही लोकसभा चुनाव जिताया हो।

इस रैली में यह देखेने में आया कि भाजपा में केवल मोदी ही नहीं हर्षवर्धन जैसे लोग भी कम फेकू नहीं है। हर्षवर्धन ने रेलमंत्री की तारिफ करते हुए कहा कि रेलमंत्री ने दर्जनों नई गाड़ियां चलाई है, उन्होंने कहा कि आधा दजर्न नई गाड़ियों के उद्घाटन में मैं इनके साथ शामिल था। हम सभी जानते हैं कि बिहार में छठ पर्व में ज्यादातर लोग घर को जाते हैं इसलिए भिड़ को देखते हुए हर साल छठ पर्व के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई जाती थी लेकिन इस बार एक भी स्पेशल ट्रेन नहीं चलायी गयी। शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू कि तारिफ के पूल बांधते हुए कहा कि वैंकेया जी दिल्ली को पानी देने के लिए सैकड़ों करोड़ रू. दिये हैं, मध्यमवर्ग से लेकर रेहड़ी पटरी वालों को ध्यान रखा है। दिल्ली में पानी सप्लाई के लिये प्राइवेट कम्पनियों के साथ समझौता हो चुका है। उसकी अनुसार प्राइवेट कम्पनियों को मुनाफा पहुंचाने के लिए सरकार प्राइवेट कम्पनियों की शर्त पर इन्फ्रास्ट्रकचर में  जनता
का पैसा लगा रही है जिससे कि कम्पनियों को फायदा पहुंचाया जा सके। रेहड़ी-पटरी कानून होने के बावजूद भी उनसे पुलिस और नगर निगम द्वारा अवैध उसूली की जा रही है और हटाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने भी वैंकया नायडू की तारिफ करते हुए कहा कि वैंकया जी को हैदाराबाद, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम से ज्यादा जानकारी दिल्ली की है। जबकि वैंकेया ने अपने वक्तव्य में दिल्ली के झुग्गी झोपड़ियों की संख्या 600 से अधिक बताया जबकि दिल्ली में 815 झुग्गी झोपड़ियां हैं। इससे वैंकेया के दिल्ली की जानकारी क्या है पता चलता है। हर्षवर्धन ने प्रधानमंत्री की तारिफ करते हुए बोले कि मैंने देखा है कि मोदी जी दिल्ली को कितना चाहते हैं। हम सभी देख रहे हैं कि प्रधानमंत्री सात महिनों में कितनी विदेश यात्रा और कितने चुनाव प्रचार कर चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि मोदी जी किसको चाहते हैं।

मंच के संचालन करते हुए बीजेपी के सांसद रमेश बिधूड़ी ने सादगी का मिशाल पेश करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का उदाहरण दिया। बिधूड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने से पहले देवेन्द्र फडणवीस स्कूटर से चला करते थे और मुख्यमंत्री बनने के बाद भी सरकारी कार्यक्रमों में लोकल ट्रेन से जाते हैं! ऊर्जा मंत्री पियुष गोयल ने बताया कि मुझे दिल्ली पर विशेष ध्यान देने की बात कहा गया, हमने फ्यूज सर चार्ज को खत्म किया। ऊर्जा मंत्री जी दिल्ली में ही नहीं पूरे देश में बिजली देना आप का कर्तव्य है। अभी भी कितनी तरह की चार्ज बिजली वाले लगाते हैं आप बिजली बिल पर देख सकते हैं। उपभोक्ताओं से खर्च किये गये बिजली यूनिट के साथ साथ फिक्स चार्ज 50-100 रु. तक वसूला जाता है। ऊर्जा मंत्री जी दिल्ली में 27 लाख से अधिक कनेक्शन है तो जोड़ लीजिये लोगों की जेब से कितने पैसे प्रत्येक माह को निकाल लेती हैं यह कम्पनियां। अमित शाह ने कहा कि महंगाई कम हो गयी है जिससे कि प्रत्येक परिवार को 1500-4500 रु. की बचत हो रही है। क्या मोदी सरकार आने के बाद लोगों की बचत बढ़ी है? पकिस्तान के साथ झड़प पर कहा कि पहले पाकिस्तान फायरिंग शुरू करता था और खत्म भी वही करता था लेकिन अब शुरू तो पाकिस्तान करता है लेकिन खत्म हिन्दुस्तान करता है। मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा है कि सैनिकों के सीर काटने पर भारत सरकार ने उचित कदम उठाया था। अमित शाह जी आप सुप्रीम कोर्ट को बरगला रहे हैं या जनता को?

प्रधानमंत्री ने अनेक लोक लुभावने वायदे किये। 2022 तक सभी झुग्गी झोपड़ियों को मकान देने की बात कही लेकिन वह भूल गये कि उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद में बसंत बिहार ईलाके में सर्दी के मौसम में करीब 150 झुग्गियों को तोड़ दिया गया और किसी को मकान नहीं मिला। आप सात माह में 150 लोगों को मकान नहीं दे पा रहे हैं तो लाखों लोगों को 2022 तक कैसे मकान दे देंगे। आप बल्ब बेच कर लोगों को बिजली में बचत का रस्ता बता रहे थे। प्रधानमंत्री जी आप का काम बल्ब बेचने का नहीं है आप का काम बिजली कम्पनियों की लूट को रोकना है। आप जिस बल्ब की बात कर रहे थे इस बल्ब का निर्माता कौन है? आप जिस जनधन योजना का इतना बखान करते हैं कि गरीबों ने इतने खाते खोल दिये उसी धनयोजना के खाते खोलने के लिए बैंकों ने प्राइवेट हाथों में यह काम सौंप दिया है जो लोगों के जेबों से पैसा ऐंठ रहा है। सब्सिडी देने के लिए आपने आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया और उसे 1 जनवरी 2015 से लागू भी कर दिया है। क्या भारत की 100 प्रतिशत जनता का आधार कार्ड बन चुका है? आपको पता है कि आधार कार्ड बनवाने के लिए प्रति व्यक्ति 20 से लेकर 50 रू. तक प्राइवेट ठेकेदार वसूल रहे है? कितने कर्मचारी इस काम में लगे हैं यह जानकरी किसी को नहीं है। आप ने कहा कि हम एक नई राजनीति लेकर आये हैं जो कि साम्प्रदायवाद, जातिवाद व प्रांतवाद से परे है। दिल्ली में 30 साल से कोई बड़ा दंगा या उस तरह का महौल नहीं था लेकिन आपके प्रधानमंत्री बनते ही दिल्ली के आधा से अधिक दर्जनों पर साम्प्रदायिक तनाव हुए। त्रिलोकपुरी में एक सप्ताह तक लोगों को घर से निकलना दुरूह हो गया था। आप बोलते हैं कि हमारी सरकार विकासवाद को लेकर चली है। लेकिन आप यह नहीं बता रहे हैं कि किन लोगों का विकास होगा कब तक होगा? मोदी जी आप सही कह रह थे कि नारे देने से कुछ नहीं होता यही कारण है कि इंदिरा के गरीबी हटाओं के नारे से गरीबों की संख्या और बढ़ गई उसी तरह आपके विकास के नारे से आम जनता का विकास नहीं विनाश होगा। आप केजरीवाल को सलाह दे रहे थे कि ‘‘अरजकता करना है तो जंगल में चले जाओं
नक्सलियों के साथ। दिल्ली में नक्सलवाद नहीं चलेगा। दिल्ली में सभ्य लोग रहते हैं। देश की रजनीति का केन्द्र दिल्ली है। विश्व में दिल्ली की एक शान होनी चाहिए।’’ मोदी जी आप तो लाल किले के प्राचीर से कहा था कि आप बाहरी हैं, दिल्ली के एलिट क्लास के आंखों में खटकते हैं। आप को दिल्ली प्रेम कब से हो गया? क्या दिल्ली के बाहर रहने वाले लोग सभ्य समाज में नहीं रहते हैं वे लोग अराजकतावादी हैं? दिल्ली की बहुसंख्यक जनता का लगाव दिल्ली के बाहर से हैं उनके परिवार, रिश्तेदार दिल्ली से बाहर रहते है। क्या आप दिल्ली के ही प्रधानमंत्री है?

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